नीतीश कुमार का पहला प्रेम ‘पारो’ थी। पारो नीतीश कुमार के शिक्षक और नीतीश कुमार के पिता के दोस्त रामजी चौधरी की बेटी थी।
बख़्तियारपुर की वो शामें
रामजी चौधरी, नीतीश कुमार के पिता वैद्यजी के पास अक्सर शाम को आया करते थे और यारों की चौकड़ी लगा करती थी। इन्हीं रामजी चौधरी के पास नीतीश कुमार पढ़ने भी जाया करते थे। वहीं नीतीश और पारो की कभी-कभी मुलाक़ात होती थी।
अनकहा प्रेम और नियति
लेकिन वह 1960 के दशक का बख़्तियारपुर था, जो आज के एक बड़े गाँव से बड़ा नहीं था; इसलिए उस प्रेम का कभी इज़हार तक नहीं हो पाया।
उसके बाद:
- नीतीश कुमार को वज़ीफ़ा (Scholarship) मिल गया।
- वह आगे की पढ़ाई करने के लिए पटना आ गए।
- और प्रेम पटना की गलियों से लेकर सिनेमा हॉल में गुम हो गया।
उधर, रामजी चौधरी ने अपनी बेटी पारो के लिए हथिदह में एक लड़का देखकर शादी कर दी।
एक विद्यार्थी का प्रभाव
जब नीतीश कुमार गणेश हाई स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे, तब चौधरी साहब को नीतीश कुमार ने बहुत प्रभावित किया था।